Class 10th Science Subjective Question 2027
1.दृष्टि दोष क्या है? यह कितने प्रकार का होता है?
उत्तर- जब किसी वस्तु का प्रतिबिम्ब आँख की रेटिना पर स्पष्ट रूप से नहीं बनता है तो इस दोष को दृष्टि दोष कहते हैं। दृष्टि दोष मुख्यतः तीन प्रकार के होते हैं।
2.नेत्र की समंजन क्षमता से क्या अभिप्राय है?
उत्तर-नेत्र लेंस की वह क्षमता जिसके कारण वह अपनी फोकस दूरी को समायोजित कर लेता है, समंजन क्षमता कहलाती है। इसी के कारण नेत्र अल्पतम दूरी और दूर-बिंदु को नियोजित कर पाता है। सामान्य अवस्था में नेत्र की समंजन क्षमता 4 डायोप्टर होती है।
3.तारे क्यों टिमटिमाते हैं?
उत्तर- हवा की विभिन्न परतों में तापमान अलग-अलग होता है। इस कारण उसका धनत्व भी कम होता है। इसलिए तारों से आता प्रकाश इन वायु परतों में विभिन्न मात्रा में आवर्तित होता रहता है। अतः इस कारण तारे हमारे नेत्रों में टिमटिमाते प्रतीत होते हैं।
4.उत्तल लेंस को अभिसारी लेंस कहते हैं क्यों
उत्तर – उत्तल लेंस पर जब प्रकाश की समांतर किरणें आपतीत होती है तो लेंस से अपवर्तन के बाद यह समांतर किरणें एक बिंदु पर मिलती हैं इससे स्पष्ट होता है कि उत्तल लेंस समानांतर किराने किरणों को अभिसरी करता है इस गुण के कारण इसे अभिसारी लेंस कहते हैं
5.विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव से संबंधित ‘दक्षिण हस्त- अंगूठा’ के नियम को लिखें।
उत्तर : यदि धारावाही तार को दाएँ हाथ की मुट्ठी में इस प्रकार पकड़ा जाए कि अँगूठा धारा की दिशा की ओर संकेत करता हो, तो हाथ की अन्य अँगुलियाँ चुंबकीय क्षेत्र की दिशा व्यक्त करेंगी।
6.सरल सूक्ष्मदर्शी क्या है
उत्तर – सरल सूक्ष्मदर्शी वह युक्त है जिससे छोटे बिम्ब का आव्धित प्रतिबिंब प्राप्त किया जाता है सरल सूक्ष्मदर्शी के रूप में एक उत्तल लेंस का उपयोग किया जाता है
7.हम वाहनों के साइड मिलर के रूप में उत्तल दर्पण का उपयोग क्यों करते हैं
उत्तर – उत्तल दर्पण का उपयोग सामान्य वाहनों के साइड मिरर के रूप में होता है इनमें ड्राइवर अपने पीछे के वाहनों को देख सकते हैं जिससे व सुरक्षित रूप से वाहन चला सके उत्तल दर्पण को इसलिए भी प्राथमिकता देते हैं क्योंकि यह सदैव सीधा प्रतिबिंब बनाते हैं लेकिन वह छोटा होता है इसका दृष्ट क्षेत्र भी बहुत अधिक है
8.एक गोलीय दर्पण की वक्रता त्रिज्या 20cm है इसकी फोकस दूरी क्या होगी
उत्तर – R=20cm,f=?
F=R/2
20/2=10
9.प्रतिरोध क्या है? इसका मान एवं मात्रक लिखें।
उत्तर—किसी धारावाही तार में आवेश के प्रवाह में जो रूकावट आती है उसे प्रतिरोध कहते हैं। इसका मात्रक ओम होता है।
10.विद्युत धारा को परिभाषित कर इसका मान एवं मात्रक लिखें।
उत्तर—इकाई समय में आवेश का प्रवाह विद्युत कहलाती है।
विद्युत धारा = आवेश/समय
इसका SI मात्रक एम्पियर (A) है।
11.किसी कार का अग्र दीप (हैड लाइट) किस दर्पण का उपयोग होता है
उत्तर – किसी कार का अग्र दीप में अवतल दर्पण का बना होता है वाहनों के अग्र दीप में प्रकाश का शक्तिशाली समांतर किरण पुंज प्राप्त करने के लिए अवतल दर्पण का प्रयोग किया जाता है
12. किसी विद्युत परिपथ में लघुपथन कब होता है? अथवा, लघुपथन क्या है?
उत्तर- किसी विद्युत यंत्र में जब धारा कम प्रतिरोध से होकर प्रवाहित हो जाती है तो उसे लघुपथन कहते हैं। इस स्थिति में किसी परिपथ में विद्युत धारा अचानक बहुत अधिक हो जाती है। तब विद्युत पथ में विद्युन्मय तार उदासीन तार के संपर्क में आ जाती है जो प्रतिरोध के शून्य हो जाने के कारण ऐसा होता है। लघुपथन के कारण आग लग सकती है और विद्युत पथ में लगे उपकरण क्षतिग्रस्त हो सकते हैं। छूने पर जोर का विद्युत आघात भी लग सकता है। इससे बचने के लिए विद्युत फ्यूज का प्रयोग किया जाना चाहिए।
13. कोई दो बल रेखाएँ आपस में एक-दूसरे को क्यों नहीं काटती हैं? उत्तर—कोई दो बल रेखाएँ एक-दूसरे को नहीं काटती हैं। यदि वह काटे तो इसका तात्पर्य होगा कि कटान बिन्दु के उत्तरी ध्रुव पर लगा परिणामी बल दो दिशाओं में होगा जो कि असम्भव है।
14.ओम के नियम को लिखें।
उत्तर : अचर ताप पर किसी चालक से प्रवाहित धारा (i) चालक के सिरों के बीच के विभवांतर (V) के अनुक्रमानुपाती होता है। इसे ही ओम का नियम कहते हैं।
15.विद्युत् मोटर का क्या सिद्धांत है ? उत्तर : जब किसी कुंडली को चुंबकीय क्षेत्र में रखकर उसमें धारा प्रवाहित की जाती है, तो कुंडली पर एक बल युग्म कार्य करने लगता है जो कुंडली को उसके अक्ष पर घुमाने का कार्य करता है।
16. चालक का प्रतिरोध किन किन बातों पर निर्भर करता है?
उत्तर- चालक का प्रतिरोध निम्नलिखित बातों पर निर्भर करता है- (i) चालक की प्रकृति पर कुछ चालक पदार्थ में प्रतिरोधक क्षमता अधिक होती है और कुछ में कम। जैसे— ताँबा में लोहे की अपेक्षा कम प्रतिरोधक क्षमता होती है।
17. दो चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ एक-दूसरे को प्रतिच्छेद क्यों नहीं करतीं?
उत्तर – चुम्बकीय सूई सदा एक ही दिशा की ओर संकेत करती है। यदि दो चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ एक-दूसरे को प्रतिच्छेद करें तो इसका अर्थ होगा कि प्रतिच्छेद बिंदु पर चुम्बकीय क्षेत्र की दो दिशाएँ हैं और दिक्सूची ने दो दिशाओं की ओर संकेत किया है, जो संभव नहीं है। इसलिए चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ एक-दूसरे को कभी प्रतिच्छेद नहीं करतीं।
18. विद्युत बल्ब में निष्क्रीय गैस भरी जाती है, क्यों? |
उत्तर- निष्क्रिय गैस भरने से इसका टंग्स्टन तंतु नहीं जलता है। नाइट्रोजन, आर्गन इत्यादि निष्क्रिय गैस हैं। निष्क्रिय गैसों में तंतु का वाष्पीकरण नहीं हो पाता है अतः बल्ब की जीवन क्षमता बढ़ जाती है।
19.ऐसे दो ऊर्जा स्त्रोतों के नाम लिखिए जिन्हें आप नवीकरणीय मानते हैं।
उत्तर – वायु (पवन) और सागर नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत हैं। इनका प्रयोग तब तक किया जा सकता है, जब तक सौर परिवार की परिस्थितियाँ समान बनी रहेंगी।
20. जब लोहे की कील को कॉपर सल्फेट के विलयन में डुबोया जाता है तो विलयन का रंग क्यों बदल जाता है?
उत्तर— जब लोहे की कील को कॉपर सल्फेट के विलयन में डुबोया जाता है तो वह हल्के हरे रंग का हो जाता है। यह कॉपर सल्फेट के घोल में से कॉपर को विस्थापित कर देता है।
Fe (s) आयरन + CuSO4 (aq) → FeSO4 (aq) + Cu (s) (कॉपर सल्फेट, नीला) आयरन सल्फेट (हल्का हरा) कॉपर
21. सोडियम को किरोसीन में डुबोकर क्यों रखा जाता है?
उत्तर— अत्यधिक क्रियाशील होने के कारण सोडियम धातु खुला रखने पर साधारण ताप पर ही ऑक्सीजन से अभिक्रिया कर जलने लगती है। अतः यह जल न जाए इससे बचने के लिए इसे किरोसीन तेल में डुबाकर रखा जाता है।
22. उदासीनीकरण अभिक्रिया क्या है? दो उदाहरण दें।
उत्तर—वह प्रक्रिया जिसमें कोई अम्ल किसी भस्म के साथ अभिक्रिया करके लवण और जल बनाता है, उदासीनीकरण अभिक्रिया कहलाती है।
– उदाहरण—अम्ल + भस्म लवण + जल
HCl + NaOH → NaCl + H2O
H2SO4 + 2KOH — K2SO4 + 2H2O
23. जल की अनुपस्थिति में अम्ल का व्यवहार अम्लीय क्यों नहीं होता है ?
उत्तर- जल किसी अम्ल के विच्छेदन में सहायक होता है जिससे हाइड्रोनियम (H3O+) आयन उत्पन्न होता है। जल की अनुपस्थिति में आयन उत्पन्न नहीं होते । इसलिए जल की अनुपस्थिति में अम्ल का व्यवहार अम्लीय नहीं होता।
24. विरंजक चूर्ण किस प्रकार तैयार किया जाता है?
उत्तर- विरंजक चूर्ण का निर्माण शुष्क बुझे हुए चूने पर क्लोरीन की क्रिया से होता है।
Ca (OH)2 (s) + Cl2 (g) — CaOCl2 (s) + H2O (1)
बड़ी मात्रा में इसके निर्माण के लिए एक विशेष टावर में हॉपर (Hopper) से शुष्क बुझा हुआ चूना डाला जाता है। नीचे से क्लोरीन गैस तथा गर्म वायु प्रवाहित करते हैं। क्लोरीन ऊपर तक पहुँचते-पहुँचते पूर्णतया अवशोषित हो जाती है और बुझा हुआ चूना विरंजक चूर्ण में बदल जाता है।
25.आयनिक यौगिकों का गलनांक उच्च क्यों होता है?
उत्तर- अंतर आयनिक आकर्षण के कारण, आयनिक यौगिकों का गलनांक उच्च होता है।
26. अयस्क और खनिज में क्या अन्तर है?
उत्तर—अयस्क — जिन पदार्थों (खनिजों) से धातु का निष्कर्षण सरल हो उन्हें अयस्क कहते हैं जैसे—ऐलुमिनियम का अयस्क बॉक्साइट है। खनिज — धातुओं के प्राकृत यौगिक रूप को खनिज कहते हैं। अधिकांश धातुएँ हमें खनिजों के रूप में ही प्राप्त होती हैं जैसे—ताँबा हमें पायराइट या क्यूपराइट से प्राप्त होता है।
27.मिश्रधातु किसे कहते हैं? मिश्रधातु बनाने के दो फायदे क्या हैं?
उत्तर – किसी धातु का अन्य धातु या अधातु के साथ मिलकर बना समांगी मिश्रण मिश्रधातु कहलाता है। जैसे— रोजमेटल, पीतल, स्टील, कांसा आदि । मिश्रधातु बनाने के फायदे — (i) संक्षारणरोधी। (ii) उपयोगिता बढ़ जाती हैं
28. क्या होता है, जब धातुएँ जल के साथ अभिक्रिया करती हैं?
उत्तर-धातुएँ (क्रियाशील श्रेणी में ‘H’ से ऊपर) जल के साथ अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस मुक्त करती हैं। कुछ धातु ठंडे जल के साथ तो कुछ भाप के साथ भी अभिक्रिया करती हैं।
29. उभयधर्मी ऑक्साइड क्या होते हैं? दो उभयधर्मी ऑक्साइडों का उदाहरण दें। अथवा, उभयधर्मी ऑक्साइड का एक उदाहरण दें।
उत्तर—जो धातु ऑक्साइड अम्लीय और क्षारीय दोनों प्रकार के व्यवहार प्रकट करते हैं उन्हें उभयधर्मी कहते हैं।
उदाहरण- ऐलुमिनियम ऑक्साइड (Al2 O3), जिंक ऑक्साइड (ZnO).
30. लोहे को जंग से बचाने के लिए दो तरीके बताएँ ।
उत्तर—जंग से बचाने के तरीके इस प्रकार हैं-
(i) तेल या ग्रीस की परत लेपकर-यदि लोहे पर तेल या ग्रीस की स्तर जमा दें तो नम वायु लोहे के संपर्क में नहीं आ पातीं जिससे जंग नहीं लगता । मशीनों के पुर्जों पर ऐसा ही किया जाता है।
(ii) एनेमल से लोहे की सतह पर रंग-रोगन की स्तर जमाकर जंग पर नियंत्रण पाया जाता है। बसों, कारों, स्कूटर, मोटरसाइकिल, खिड़कियों, रेलगाड़ियों आदि पर एनेमल की स्तर जमाई जाती है।
31. समजातीय श्रेणी क्या है? सोदाहरण बताएँ। अथवा, अल्कोहल ग्रूप के तीन सदस्यों को उनके बढ़ते हुए कार्बन परमाणु के क्रम में सजाकर उनका अणुसूत्र एवं संरचना सूत्र लिखें।
उत्तर—यौगिकों की ऐसी शृंखला जिसमें कार्बन में स्थित हाइड्रोजन को एक ही प्रकार का प्रकार्यात्मक समूह प्रतिस्थापित करता है उसे समजातीय या सजातीय श्रेणी कहते हैं। इसके दो क्रमागत सदस्यों में CH2 ग्रुप का अन्तर होता है। जैसे—एल्केन, सजातीय श्रेणी का सामान्य सूत्र C2H2n + 2 है। इस श्रेणी के सदस्य मेथेन CH4. इथेन C2H6, प्रोपेन C3Hg, ब्यूटेन C4H10 एवं पेंटेन C1sH12 हैं।
32. मेंडलीफ की आवर्त सारणी की विसंगतियों को लिखें।
उत्तर- (i) H का स्थान नियत नहीं है। (ii) समस्थानिक का स्थान नियत नहीं है। (iii) कम परमाणु भार वाले तत्त्व के बाद अधिक परमाणु भार वाले तत्त्व को रखा गया है।
33.पौधे हरे क्यों होते हैं
क्लोरोफिल वर्णक की उपस्थिति के कारण पौधे हरे होते हैं
34.हरे पौधों को उत्पादक क्यों कहते हैं
पौधे कार्बन डाइऑक्साइड तथा जल सूर्य प्रकाश तथा हरित लवक की सहायता से अपने तथा जीव जगत के दूसरों जीवो के लिए भोज पदार्थ का निर्माण करते हैं इसलिए उन्हें उत्पादक कहा जाता है
35.पौधे में जलन खनिज लवणों के सवहन के लिए कौन सा उत्तक उत्तरदाई होते हैं अथवा पौधों में जल का परिवहन किस उत्तक से होता है
उत्तर _पौधों में जाइलम से जल फ्लोयम से खनिज लवणों का सवहन होता है परसनी दाब का सहवन में महत्वपूर्ण होती है काफी ऊंचे पौधे में रसारोहण प्रक्रम द्वारा जल का परिवहन होता है
36.उत्सर्जन की परिभाषा लिखिए
उत्तर _शरीर के उपचायी क्रियाओं के परिणाम स्वरुप उत्पन्न हानिकारक नाइट्रोजन युक्त अपशिष्ट पदार्थों को शरीर से बाहर निकालने की क्रिया उत्सर्जन कहते हैं
37.रक्त क्या है इसके संगठन का वर्णन कार्य के साथ करें
उत्तर _रक्त एक तरल सरल संयोजी उत्तक है रक्त का संगठन एंड कार्य इस प्रकार हैं रक्त के तरल भाग जिसे प्लाज्मा कहते हैं और इस में तैरते हुए कणों को कणिकाएं कहते हैं
लाल रक्त कणिका (R.B.C)-यह केंद्रक विभिन्न संरचना है इसमें हिमोग्लोबिन उपस्थित रहता है जिससे रक्त का लाल रंग दिखता है यह ऑक्सीजन एंड कार्बन डाइऑक्साइड का वाहक है
श्वेत रक्त कणिका(W.B.C)- यह केंद्रीय रचना है या हानिकारक जीवाणुओं को नष्ट करती हैं
पाटिटकाणु कोशिका- या छोटे गोल रचना है यह रक्त का थक्का बनाती हैं
प्लाज्मा- यह रक्त का तरल भाग है इसमें विभिन्न घटक तैरते रहते हैं सीरम एक रुधिर प्लाज्मा है
38.आयोडीन युक्त नमक के उपयोग की सलाह क्यों दी जाती हैं
उत्तर_
अवटूग्रंथि को थायराक्सिन हार्मोन बनाने के लिए आयोडीन आवश्यक होता है हमारे शरीर में प्रोटीन और वसा के उपापचय को थायराक्सिन कार्बोहाइड्रेट नियंत्रित करता है यह वृद्धि संतुलन के लिए आवश्यक है यदि हमारे भोजन में आयोडीन की कमी रहेगी तो गर्दन या बाहर की ओर उभरे हुए नेत्र गोलक हो सकते हैं इस रोग से बचने तथा आयोडीन की शरीर में कमी दूर करने के लिए आयोडीन युक्त नमक के उपयोग की सलाह दी जाती है
39.हमारे आमाशय में अम्ल की भूमिका क्या है?
उत्तर—– अम्ल पाचन क्रिया सम्पादित करने में सहायता प्रदान करते हैं एवं भोजन के साथ आए कीटाणुओं को नष्ट करते हैं।
40. प्रकाश संश्लेषण क्या है? समीकरण लिखें।
उत्तर – सजीव जगत में हरे पौधे सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में वायुमंडल से CO2 ग्रहण कर और मिट्टी से खनिज लवण एवं जल अवशोषित कर पत्तियों में स्थित हरितलवक के सहारे ऊर्जादायक पदार्थों का निर्माण करते हैं। यह सम्पूर्ण प्रक्रिया प्रकाश संश्लेषण कहलाती है।