18 September Class 10th Hindi Half Yearly Exam Question Paper 2026

18 September Class 10th Hindi Half Yearly Exam Question Paper 2026

Subject  Hindi 
Exam Date  18.09.2026
10th Exam  Half Yearly 2026
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बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 10वीं की अर्धवार्षिक परीक्षा (Half Yearly Exam) 21 सितंबर से 23 सितंबर, 2026 तक आयोजित की जाएगी। जिसमें सभी विषय शामिल होंगे जैसे हिन्दी संस्कृत विज्ञान गणित सामाजिक विज्ञान 

यह परीक्षा ऑफलाइन (पेन और पेपर) माध्यम से दो पालियों (Shifts) में आयोजित होगी

परीक्षा की शुरुआत: 21 सितंबर 2026

परीक्षा की समाप्ति: 23 सितंबर 2026

 

शिफ्ट और समय: यह परीक्षा दो पालियों (First and Second Shift) में होती है, जो बिहार बोर्ड के मानक समय के अनुसार सुबह और दोपहर में संचालित होती है

प्रथम पाली (First Shift): सुबह 09:30 AM से दोपहर 12:45 PM तक (कूल-ऑफ टाइम: 09:30 AM – 09:45 AM)

द्वितीय पाली (Second Shift): दोपहर 02:00 PM से शाम 05:15 PM तक (कूल-ऑफ टाइम: 02:00 PM – 02:15 PM)

अनिवार्य उपस्थिति: सभी छात्र-छात्राओं के लिए इस अर्धवार्षिक परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य है। इसके अंकों के आधार पर स्कूल छात्रों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करते हैं।

परीक्षा का मोड (Exam Mode): यह परीक्षा ऑफलाइन मोड में आपके अपने स्कूल/कॉलेज में आयोजित होती है।

उद्देश्य: छात्रों को बोर्ड परीक्षा (वार्षिक) के पैटर्न से परिचित कराना और उनकी निरंतर तैयारी जांचना।

प्रश्न पत्र (Question Paper): बिहार बोर्ड (BSEB) द्वारा सभी सरकारी और संबद्ध स्कूलों में एक समान प्रश्न पत्र भेजा जाता है।

परीक्षा में सफलता के लिए महत्वपूर्ण टिप्स

इस परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने और कॉन्फिडेंस बढ़ाने के लिए आप इन रणनीतियों का पालन कर सकते हैं:

1.बोर्ड सिलेबस पर फोकस: बिहार बोर्ड द्वारा निर्धारित नवीनतम पाठ्यक्रम के अनुसार ही पढ़ाई करें।

2.प्रीवियस ईयर प्रश्न-पत्र: पिछले वर्षों के त्रैमासिक और मासिक परीक्षाओं के प्रश्न पत्रों का अभ्यास करें।

3.कॉन्सेप्ट क्लीयरेंस: रटने के बजाय टॉपिक्स को गहराई से समझें ताकि किसी भी प्रकार के प्रश्न पूछे जाने पर आप आसानी से उत्तर दे सकें।

4.पिछले 2-3 सालों के बिहार बोर्ड के मॉडल पेपर्स या तिमाही परीक्षा के पेपर्स को हल करने का प्रयास करें ताकि परीक्षा के पैटर्न का सटीक अंदाजा मिल सके।

5.हर चैप्टर के अंत में दिए गए ऑब्जेक्टिव प्रश्नों को याद करें और फॉर्मूले की एक अलग शॉर्ट-नोटबुक बना लें।

परीक्षा का उद्देश्य:

बोर्ड परीक्षा से पहले यह आपके स्व-मूल्यांकन (Self-Assessment) का सबसे बेहतरीन मौका है, जिससे आपको अपनी तैयारी के स्तर का पता चलेगा।

परीक्षा का स्तर: प्रश्न पत्र बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा ही तैयार किए जाते हैं, जो बोर्ड के पाठ्यक्रम (Syllabus) पर आधारित होते हैं।

कितने सिलेबस से प्रश्न रहेंगे Half Yearly Exam 2026 Syllabus

Class 10th के अर्धवार्षिक परीक्षा 2026 का प्रश्न पत्र आपके विद्यालय में अगस्त माह तक पढ़ाए गए बिहार बोर्ड (BSEB) कक्षा 10वीं की अर्धवार्षिक (Half Yearly) परीक्षा के लिए पाठ्यक्रम हर विषय की कुल इकाई (unit) का 50% होता है। अर्धवार्षिक परीक्षाओं का आयोजन स्कूल स्तर पर किया जाता है, जिसमें आमतौर पर शुरुआती आधा अध्याय ही शामिल होते हैं

सिलेबस (Syllabus): अर्धवार्षिक परीक्षा में आम तौर पर कक्षा 10वीं के कुल पाठ्यक्रम का लगभग 50% हिस्सा पूछा जाता है। 

परीक्षा की तैयारी और सिलेबस

चूंकि यह अर्धवार्षिक परीक्षा है, इसलिए इसमें आपके पाठ्यक्रम (Syllabus) के शुरुआती अध्यायों से ही प्रश्न पूछे जाएंगे. परीक्षा में ऑब्जेक्टिव (MCQs) और सब्जेक्टिव (लघु और दीर्घ उत्तरीय) दोनों प्रकार के प्रश्न शामिल होंगे

 

Subject Syllabus गणित (Mathematics)

Chapter 1: वास्तविक संख्याएँ (Real Numbers)Chapter 2: बहुपद (Polynomials)Chapter 3: दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म (Pair of Linear Equations in Two Variables)Chapter 4: द्विघात समीकरण (Quadratic Equations)Chapter 5: समांतर श्रेढ़ियाँ (Arithmetic Progressions – AP)Chapter 7: निर्देशांक ज्यामिति (Coordinate Geometry)Chapter 8: त्रिकोणमिति का परिचय (Introduction to Trigonometry)

 

विज्ञान (Science)

प्रकाश का परावर्तन तथा अपवर्तन (Light – Reflection and Refraction) मानव नेत्र तथा रंगबिरंगा संसार (Human Eye and Colorful World)

रासायनिक अभिक्रियाएं एवं समीकरण (Chemical Reactions and Equations) अम्ल, क्षारक एवं लवण (Acids, Bases and Salts) धातु एवं अधातु (Metals and Non-metals) जैव प्रक्रम (Life Processes)नियंत्रण एवं समन्वय (Control and Coordination)

 

 

सामाजिक विज्ञान (Social Science)

यूरोप में राष्ट्रवाद, समाजवाद एवं साम्यवाद, हिंद-चीन में राष्ट्रवादी आंदोलन।

भारत: संसाधन एवं उपयोग, प्राकृतिक संसाधन, जल संसाधन, वन एवं वन्य जीव संसाधन।

लोकतंत्र में सत्ता की साझेदारी, सत्ता में साझेदारी की कार्यप्रणाली।

अर्थव्यवस्था एवं इसके विकास का इतिहास, राज्य एवं राष्ट्र की आय। आपदा प्रबंधन 

हिंदी

गद्य खंड (Prose): श्रम विभाजन और जाति प्रथा, विष के दाँत, भारत से हम क्या सीखें, नाखून क्यों बढ़ते हैं, नागरी लिपि, बहादुर।

काव्य खंड (Poetry): राम नाम बिनु बिरथे जगे जनमा, प्रेम-अयनि श्री राधिका, अति सूधो सनेह को मारग है, स्वदेशी, भारतमाता, जनतंत्र का जन्म।

वर्णिका (Supplementary): दही वाली मंगम्मा, ढहते विश्वास।

 

इस परीक्षा में फेल करने पर क्या होगा ?

बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं की अर्धवार्षिक (Half Yearly) परीक्षा में फेल होने या अनुपस्थित (Absent) रहने पर आपको मुख्य (वार्षिक) परीक्षा का फॉर्म भरने से रोका जा सकता है. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) के नियमों के अनुसार, इस आंतरिक परीक्षा में शामिल होना और उत्तीर्ण होना सभी छात्रों के लिए अनिवार्य है.

 

अर्धवार्षिक परीक्षा 2026-EXAM CENTER

इस परीक्षा का आयोजन आपके विद्यालय के स्तर पर होगा। अर्थात की जिस भी विद्यालय में आपका नामांकन है। उसी में जाकर आपको परीक्षा देना होगा ।

 

Admit Card Quarterly Exam 2026

इस परीक्षा के लिए बिहार बोर्ड के तरफ से कोई भी ऑफिशियल एडमिट कार्ड जारी नहीं किया जाएगा। इस परीक्षा का आयोजन आपके स्कूलों कॉलेज के अस्तर पर होगा 

 

क्या अर्धवार्षिक परीक्षा के कॉपी Check होता हैं?

हां,जब आपकी परीक्षा सम्पन्न हो जाती हैं, तब आपके कॉपी को आपके विद्यालय/कॉलेज के शिक्षकों के द्वारा चेक की जाती हैं। तथा इसका फाइनल रिजल्ट बोर्ड ऑफिस को भेजा भी जाता हैं।

 

अर्धवार्षिक परीक्षा का महत्व

यदि आप भी कक्षा 10वी की अर्धवार्षिक परीक्षा देने जा रहे हैं या देने वाले हैं तो आप सभी को इस परीक्षा में भाग लेना अति आवश्यक है अर्धवार्षिक परीक्षा का उद्देश्य छात्रों की आगे की कक्षा में प्रवेश करने से पहले उसकी तैयारी को जांच किया जाए और तैयारी को बेहतर किया जाए ताकि वह आगे परीक्षा में किसी भी प्रकार में उनको दिक्कत ना हो और उनको जो भी कमजोरी है वह उसको सुधार सके इसलिए अर्धवार्षिक परीक्षा लिया जाता है 

Class 10th Hindi Objective Answer Key Half Yearly Exam 2026

1. 11. 21. 31. 41.
2. 12. 22. 32. 42.
3. 13. 23. 33. 43.
4. 14. 24. 34. 44.
5. 15. 25. 35. 45.
6. 16. 26. 36. 46.
7. 17. 27. 37. 47.
8. 18. 28. 38. 48.
9. 19. 29. 39. 49.
10. 20. 30. 40. 50.

 

Subjectives Question Answer Pdf 

1. जातिप्रथा भारत के बेरोजगारी का एक प्रमुख और प्रत्यक्ष कारण कैसे बनी हुई है?

उत्तर – भीमराव अंबेदकर ने ‘श्रम विभाजन और जाति प्रथा’ में लिखा है कि जाति प्रथा पेशे का दोषपूर्ण पूर्व निर्धारित ही नहीं करती बल्कि मनुष्य को जीवनभर के लिए एक पेशों में बाँध भी देती है। भले ही पेशा अनुपयुक्त या अपर्याप्त होने के कारण वह भूखों मर जाए। प्रतिकूल परिस्थितियों में भी मनुष्य को अपना पेशा बदलने की स्वतंत्रता न हो तो भूखे मरने के अलावा क्या रह जाता है। इस प्रकार पेशा परिवर्तन की अनुमति न देकर जाति प्रथा भारत में बेरोजगारी का एक प्रमुख व प्रत्यक्ष कारण बनी हुई है।

 

2.भारतीय समाज में जाति श्रम विभाजन का स्वाभाविक रूप क्यों नहीं कही जा सकती?

उत्तर- भीमराव अंबेदकर ने ‘श्रम विभाजन और जाति प्रथा’ शीर्षक निबंध में भारत में व्याप्त जाति प्रथा की निंदा की है। जाति भारतीय समाज में श्रम विभाजन का स्वाभाविक रूप नहीं कही जा सकती है। यह मनुष्य की रुचि पर आधारित नहीं है। यह प्रथा पेशे की स्वतंत्रता का गला घोंट देती है। यह एक दूषित प्रथा हो गयी है। स्वतंत्रता, समता और भ्रातृत्व का यह प्रथा हनन करती है।

 

3.खोखा किन मामलों में अपवाद था ? 

उत्तरः-सेन साहब का बेटा काशु (खोखा) घर में बनाए गए नियम के मामलों में अपवाद था। वह हमेशा अपने मन के अनुसार ही कार्य करता था पर लड़कियों को ऐसी आजादी नहीं थी।

 

4.सीता का चरित्र-चित्रण करें।

उत्तर- ‘धरती कब तक घूमेगी’ (साँवर दइया) की सीता एक विधवा नारी थी। वह अत्यन्त सहनशील थी। बहुएँ हर समय विषपूर्ण बातें उससे बोलती थी। वह सबकुछ सह लेती थी। वह एकांकी पड़ती गयी। बेटों ने एक-एक महीने की पाली पर रखा तो उसे कोई आपत्ति नहीं हुई। जब 50-50 रुपये प्रति माह देने पर तीनों बेटे राजी हुए तो उसका स्वाभिमान जाग उठा। वह अपना बोरिया-बिस्तर लेकर घर से निकल पड़ी। सीता एक आदर्श माँ थी।

 

 

5. विष के दाँत कहानी का नायक कौन है? तर्क पूर्ण उत्तर दें।

उत्तर-आचार्य नलिन विलोचन शर्मा की कहानी ‘विष के दाँत’ का नायक मदन है। काशू इस कहानी का मुख्य पात्र है जो कहानी के आरंभ से अंत तक छाया रहता है। वह जीवन के नियमों का अपवाद था। उसे अपने पिता की अमीरी का घमंड था। मदन एक गरीब किन्तु निर्भीक और जीवट प्रवृत्ति का लड़का है। वह आत्म सम्मान प्रिय बालक है, इसी कारण वह ड्राइवर की बातों का प्रतिरोध करता है। मदन ही काशू के घमंड रूपी विष के दाँत को तोड़ता है

 

6.बहादुर अपने घर से क्यों भाग गया था 

उत्तर:-एक बार बहादुर ने अपनी माँ की प्यारी भैंस को बहुत मारा। माँ ने भैंस की मार का काल्पनिक अनुमान करके एक डंडे से उसकी दुगुनी पिटाई की। लड़के का मन माँ से फट गया और वह चुपके से 2 रुपया लिया और घर से भाग गया।

 

7. लेखक अमरकांत को क्यों लगता है कि नौकर रखना बहुत जरूरी हो गया है?अथवा, किन कारणों से बहादुर ने एक दिन लेखक का घर छोड़ दिया? ‘बहादुर’ शीर्षक कहानी के अनुसार लिखें।

उत्तर-एक दिन लेखक के घर आए रिश्तेदार ने बहादुर पर रुपये चोरी का आरोप लगा देता है। गलत आरोप के कारण बहादुर इनकार कर दिया फिर भी उसे डराया-धमकाया और पीटा जाता है। इस घटना के बाद बहादुर काफी डाँट-मार खाने लगा। घर के सभी लोग कुत्ते की तरह दुरदुराया करते। किशोर तो जैसे उसकी जान के पीछे पड़ गया था। ईमानदार बहादुर को इस घटना पर अत्यन्त क्षोभ होता है और वह लेखक का घर छोड़कर चला जाता है।

 

8. बिरजू महाराज अपना सबसे बड़ा जज अपनी माँ को क्यों मानते थे?

उत्तर-पिता जी के निधन के बाद बिरजू महाराज को आगे बढ़ाने में बहुत बड़ा हाथ उनकी माँ का था। जब भी अम्मा नाच देखती थी तो बिरजू महाराज पूछते थे कि कही गलत तो नहीं कर रहा हूँ? बाबू जी वाला ढंग है या नहीं। कहीं गड़बड़ी तो नहीं हो रही। तब अम्मा बताती थी, तुम अपने बाबू जी की तस्वीर हो। इस प्रकार अम्मा इनका उत्साहवर्द्धन करते रहती थी। इसलिए बिरजू महाराज अपना सबसे बड़ा जज अपनी माँ को मानते थे 

 

9. मछली और दीदी में क्या समानता दिखलाई पड़ी? स्पष्ट करें।

उत्तर-आदमी के चपेट में आने पर मछली कटने के लिए मजबूर थी। पानी नहीं रहने के कारण गमछे में लिपटी मछली लहरा रही थी। दीदी कमरे में करवट लिए पहनी हुई साड़ी को सिर से ओढ़े सिसक-सिसक कर रो रही थी। हिचकी लेते हुए दीदी का पूरा शरीर सिहर रहा था। 

 

10. शिक्षा का ध्येय गाँधीजी क्या मानते थे और क्यों?

उत्तर-शिक्षा का ध्येय गाँधीजी चरित्र-निर्माण को मानते हैं। यह साक्षरता से ज्यादा महत्त्वपूर्ण है, किताबी ज्ञान तो उस बड़े उद्देश्य का एक साधन मात्र है।

गाँधीजी का मानना है कि अगर हम व्यक्ति चरित्र निर्माण करने में सफल हो जाएँगे तो समाज अपना काम आप संभाल लेगा। इस प्रकार जिन व्यक्तियों का विकास हो जाएगा, उनके हाथों में समाज के संगठन का काम सौंपा जा सकता है।

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