18 September Class 12th Chemistry Question Paper Half Yearly Exam 2026
| Subject | Chemistry |
| Exam Date | 18.9.2026 |
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बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 12वीं (इंटरमीडिएट) की अर्धवार्षिक परीक्षा (Half Yearly Exam) 18 सितंबर से 26 सितंबर, 2026 तक आयोजित की जाएगी। सभी संकायों (विज्ञान, वाणिज्य और कला यानी Science, Commerce & Arts) के लिए आयोजित की जाएगी
परीक्षा की समय-सारणी (Exam Schedule)
यह परीक्षा ऑफलाइन (पेन और पेपर) माध्यम से दो पालियों (Shifts) में आयोजित होगी
परीक्षा की शुरुआत: 18 सितंबर 2026
परीक्षा की समाप्ति: 26 सितंबर 2026
1.प्रथम पाली (First Shift): सुबह 09:30 AM से दोपहर 12:45 PM तक (कूल-ऑफ टाइम: 09:30 AM – 09:45 AM)
2.द्वितीय पाली (Second Shift): दोपहर 02:00 PM से शाम 05:15 PM तक (कूल-ऑफ टाइम: 02:00 PM – 02:15 PM)
अनिवार्य उपस्थिति: सभी छात्र-छात्राओं के लिए इस अर्धवार्षिक परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य है। इसके अंकों के आधार पर स्कूल छात्रों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करते हैं।
परीक्षा का मोड (Exam Mode): यह परीक्षा ऑफलाइन मोड में आपके अपने स्कूल/कॉलेज में आयोजित होती है।
उद्देश्य: छात्रों को बोर्ड परीक्षा (वार्षिक) के पैटर्न से परिचित कराना और उनकी निरंतर तैयारी जांचना।
प्रश्न पत्र (Question Paper): बिहार बोर्ड (BSEB) द्वारा सभी सरकारी और संबद्ध स्कूलों में एक समान प्रश्न पत्र भेजा जाता है।
शिफ्ट और समय: यह परीक्षा दो पालियों (First and Second Shift) में होती है, जो बिहार बोर्ड के मानक समय के अनुसार सुबह और दोपहर में संचालित होती है
परीक्षा में सफलता के लिए महत्वपूर्ण टिप्स
1.बोर्ड सिलेबस पर फोकस: बिहार बोर्ड द्वारा निर्धारित नवीनतम पाठ्यक्रम के अनुसार ही पढ़ाई करें।
2.प्रीवियस ईयर प्रश्न-पत्र: पिछले वर्षों के त्रैमासिक और मासिक परीक्षाओं के प्रश्न पत्रों का अभ्यास करें।
3.कॉन्सेप्ट क्लीयरेंस: रटने के बजाय टॉपिक्स को गहराई से समझें ताकि किसी भी प्रकार के प्रश्न पूछे जाने पर आप आसानी से उत्तर दे सकें।
4.पिछले 2-3 सालों के बिहार बोर्ड के मॉडल पेपर्स या तिमाही परीक्षा के पेपर्स को हल करने का प्रयास करें ताकि परीक्षा के पैटर्न का सटीक अंदाजा मिल सके।
परीक्षा का उद्देश्य:
बोर्ड परीक्षा से पहले यह आपके स्व-मूल्यांकन (Self-Assessment) का सबसे बेहतरीन मौका है, जिससे आपको अपनी तैयारी के स्तर का पता चलेगा।
परीक्षा का स्तर: प्रश्न पत्र बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा ही तैयार किए जाते हैं, जो बोर्ड के पाठ्यक्रम (Syllabus) पर आधारित होते हैं।
कितने सिलेबस से प्रश्न रहेंगे Quarterly Exam 2026 Syllabus
Class 12th के अर्धवार्षिक परीक्षा 2026 का प्रश्न पत्र आपके विद्यालय में अगस्त माह तक पढ़ाए गए बिहार बोर्ड (BSEB) कक्षा 12वीं की अर्धवार्षिक (Half Yearly) परीक्षा के लिए पाठ्यक्रम हर विषय की कुल इकाई (unit) का 50% होता है। अर्धवार्षिक परीक्षाओं का आयोजन स्कूल स्तर पर किया जाता है, जिसमें आमतौर पर शुरुआती आधा अध्याय ही शामिल होते हैं
सिलेबस (Syllabus): अर्धवार्षिक परीक्षा में आम तौर पर कक्षा 12वीं के कुल पाठ्यक्रम का लगभग 50% हिस्सा पूछा जाता है। गणित, विज्ञान, आर्ट्स और कॉमर्स के मुख्य अध्यायों का अच्छी तरह से रिवीजन कर लें।
परीक्षा की तैयारी और सिलेबस
चूंकि यह अर्धवार्षिक परीक्षा है, इसलिए इसमें आपके पाठ्यक्रम (Syllabus) के शुरुआती अध्यायों से ही प्रश्न पूछे जाएंगे. परीक्षा में ऑब्जेक्टिव (MCQs) और सब्जेक्टिव (लघु और दीर्घ उत्तरीय) दोनों प्रकार के प्रश्न शामिल होंगे
Subject Syllabus
रसायन विज्ञान (Chemistry): विलयन (Solutions), वैद्युतरसायन (Electrochemistry), रासायनिक बलगतिकी (Chemical Kinetics), d-एवं f-ब्लॉक के तत्व।
इस परीक्षा में फेल करने पर क्या होगा ?
बिहार बोर्ड कक्षा 12वीं की अर्धवार्षिक (Half Yearly) परीक्षा में फेल होने या अनुपस्थित (Absent) रहने पर आपको मुख्य (वार्षिक) परीक्षा का फॉर्म भरने से रोका जा सकता है. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) के नियमों के अनुसार, इस आंतरिक परीक्षा में शामिल होना और उत्तीर्ण होना सभी छात्रों के लिए अनिवार्य है.
अर्धवार्षिक परीक्षा 2026-EXAM CENTER
इस परीक्षा का आयोजन आपके विद्यालय के स्तर पर होगा। अर्थात की जिस भी विद्यालय में आपका नामांकन है। उसी में जाकर आपको परीक्षा देना होगा ।
Admit Card Quarterly Exam 2026
इस परीक्षा के लिए बिहार बोर्ड के तरफ से कोई भी ऑफिशियल एडमिट कार्ड जारी नहीं किया जाएगा। इस परीक्षा का आयोजन आपके स्कूलों कॉलेज के अस्तर पर होगा
अर्धवार्षिक परीक्षा का महत्व
यदि आप भी कक्षा 12वी की अर्धवार्षिक परीक्षा देने जा रहे हैं या देने वाले हैं तो आप सभी को इस परीक्षा में भाग लेना अति आवश्यक है अर्धवार्षिक परीक्षा का उद्देश्य छात्रों की आगे की कक्षा में प्रवेश करने से पहले उसकी तैयारी को जांच किया जाए और तैयारी को बेहतर किया जाए ताकि वह आगे परीक्षा में किसी भी प्रकार में उनको दिक्कत ना हो और उनको जो भी कमजोरी है वह उसको सुधार सके इसलिए अर्धवार्षिक परीक्षा लिया जाता है
Objective Answer Key
| 1.C | 11.B | 21.B | 31.B | 41.B |
| 2.C | 12.D | 22.B | 32.C | 42.B |
| 3.B | 13.C | 23.B | 33.B | 43.B |
| 4.D | 14.B | 24.C | 34.B | 44.C |
| 5.C | 15.B | 25.C | 35.B | 45.B |
| 6.B | 16.C | 26.D | 36.D | 46.B |
| 7.C | 17.C | 27.B | 37.A | 47.B |
| 8.C | 18.D | 28.B | 38.A | 48.B |
| 9.B | 19.C | 29.B | 39.A | 49.C |
| 10.B | 20.B | 30.C | 40.B | 50.B |
Subjectives Question Answer
Q.समन्वय यौगिक क्या है? (What is a coordination compound?)
समन्वय यौगिक (Coordination Compound) वे रासायनिक यौगिक होते हैं जिनमें एक केंद्रीय धातु परमाणु या आयन (Central metal atom/ion) चारों ओर से उदासीन अणुओं या आयनों (जिन्हें लिगैंड कहा जाता है) से उपसहसंयोजक बंध (Coordinate bond) द्वारा जुड़ा होता है।
Q कीलेटिंग लिगैंड क्या है? एक उदाहरण दीजिए। (What is a chelating ligand? Give one example.)
जब कोई बहुदंतुक (Polydentate) लिगैंड अपने दो या दो से अधिक दाता परमाणुओं (Donor atoms) का उपयोग करके केंद्रीय धातु आयन के साथ एक साथ उपसहसंयोजक बंध बनाता है, तो एक वलय (Ring) जैसी संरचना बनती है। इसे कीलेटिंग लिगैंड कहते हैं
Q.वर्नर का समन्वय सिद्धांत क्या है? (What is Werner’s Coordination theory?)
अल्फ्रेड वर्नर के सिद्धांत के अनुसार, समन्वय यौगिकों में केंद्रीय धातु परमाणु दो प्रकार की संयोजकताएँ (Valencies) प्रदर्शित करते हैं:
1. प्राथमिक संयोजकता (Primary Valency): यह आयनित होने वाली संयोजकता होती है जो धातु की ऑक्सीकरण अवस्था को दर्शाती है और ऋणायनों द्वारा संतुष्ट होती है।
2. द्वितीयक संयोजकता (Secondary Valency): यह गैर-आयनित होने वाली संयोजकता होती है जो धातु की समन्वय संख्या (Coordination number) को दर्शाती है और लिगैंड्स द्वारा संतुष्ट होती है।
Q.प्रकाशीय समावयवता क्या है? (What is optical isomerism?)
ऐसे उपसहसंयोजक यौगिक जिनके रासायनिक सूत्र और संरचनात्मक सूत्र समान होते हैं, लेकिन वे समतल ध्रुवित प्रकाश (Plane Polarized Light) के तल को अलग-अलग दिशाओं में घुमाते हैं, प्रकाशीय समावयवी कहलाते हैं
